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Best Top 10 Daily Current Affairs &GK Question With Answer in hindi
आपका स्वागत है:-
पोस्ट तिथि :- 03/12/2020
पोस्ट अपडेट तिथि :- 03/12/2020
Best 10 Daily Current GK And Current Affairs Question With Answer In Hindi
Best 10 Daily Current GK And Current Affairs Question With Answer In Hindi.| Top 10 current affairs and GK Question With Answer In Hindi
Daily Current GK And Current Affairs
"" दोस्तों "🙏🙏🙏
आज हम आपके लिए डेली करंट अफेयर्स में मुख्य 10 प्रश्न उत्तर के Question -Answer लेकर आए हैं जिसके माध्यम से आप एक नई जानकारी प्राप्त करेंगे और छोटी बड़ी सरकारी नौकरियों की अगर आप तैयारी कर रहे हैं तो अक्सर इन सभी प्रश्नों मे से भी कुछ पूछा जा सकता है तो अपनी जानकारी व ज्ञान को बढ़ाने के लिए समस्त प्रश्नों को बारीकी से लिख- पड़ कर याद कर ले व एक वार प्रश्न उत्तरों को देखें और उन्हें रिवीजन करें....
Best 10 Question With Answer Daily Current GK And Current Affairs
हिंदी....👍👍
Question 1:- निम्न में सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की कौन सी धारा 'सूचना' को परिभाषित करती है?
(a) धारा 2
(b) धारा 3
(c) धारा 5
(d) धारा 3 का स्पष्टीकरण 2
उत्तर - (b) धारा 3
(Uttarakhand (CJ) 2009)
व्याख्या - सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 3 में 'सूचना' पद को परिभाषित किया गया इसके अनुसार - "किसी तथ्य की किसी व्यक्ति को सूचना है" यह तब कहा जाता है, जब वह वास्तव में उस तथ्य को जानता है, अथवा यदि ऐसी जाँच या तलाश, जो उसे करनी चाहिए थी, करने से जानबूझकर प्रविरत न रहता या घोर उपेक्षा न करता वह उस तथ्य को जान लेता।
Question 2:- . दस्तावेज के सम्बन्ध में अनुप्रमाणित का अर्थ है जिसे साक्ष्यित किया है-
(a) दो या अधिक व्यक्तियों ने
(b) एक राजपत्रित अधिकारी ने
(c) दो या अधिक साक्षियों ने
(d) दो पुरुष साक्षियों ने
(M.P. Civil Judge, 1993)
उत्तर - (c) एक राजपत्रित अधिकारी ने
व्याख्या:- सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम, 1882 की धारा 3 के उपबन्धों के अनुसार दस्तावेज के सम्बन्ध में अनुप्रमाणित का अर्थ है, दो या अधिक साक्षियों द्वारा अनुप्रमाणित।
Question 3:- सम्पत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 की धाराएं 5 से 37 निम्नलिखित में से किस पर लागू होती हैं?
(a) केवल जंगम सम्पत्ति का अंतरण
(b) केवल स्थावर सम्पत्ति का अंतरण
(c) जंगम या स्थावर सम्पत्ति का अंतरण
(d) विनिर्दिष्ट अंतरण, न कि अंतरण के सामान्य सिद्धांत
(Uttaranchal Civil Judge, 2005)
उत्तर:- (c) जंगम या स्थावर सम्पत्ति का अंतरण
व्याख्या :- संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 की धाराएं 5 से 37 जंगम या स्थावर संपत्ति के अंतरणों पर लागू होती हैं। जबकि धारा 38 से 53क केवल स्थावर संपत्ति के अंतरण से संबंधित है।
Question 4:- एक जमींदार ने एक नर्तकी से करार किया कि उसके उत्तराधिकारी और वह हर माह 100/- रू. उस नर्तकी को एवं उसके उत्तराधिकारियों को भरण-पोषण के लिए प्रदान करते रहेंगे। इस नर्तकी के उत्तराधिकारियों में से किसी एक ने जमींदार के उत्तराधिकारी के विरुद्ध भरण-पोषण का वाद प्रस्तुत किया। ऐसा करार
(a) वैध है
(b) अवैध है।
(c) शून्यकरणीय है
(d) उपरोक्त में से कोई भी कथन सत्य नहीं है
(M.P. Civil Judge, 1989)
उत्तर: - (d) उपरोक्त में से कोई भी कथन सत्य नहीं है!
व्याख्या: - सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 4 के अनुसार इस अधिनियम के वे अध्याय और धाराएं, जो संविदाओं से सम्बन्धित हैं, भारतीय संविदा अधिनियम 1872 का भाग मानी जाएंगी। संविदा विधि के अनुसार यह करार वैध नहीं है क्योंकि इसका प्रवर्तन नहीं कराया जा सकता, यह अवैध नहीं है क्योंकि संविदा विधि की धारा 23 लागू नहीं होती, यह शून्यकरणीय भी नहीं है। अतः उपरोक्त में से कोई भी कथन सत्य नहीं है।
Question 5:- . सम्पत्ति अंतरण अधिनियम की निम्न में से कौन-सी धारा 'सम्पत्ति अन्तरण' को परिभाषित करती है?
(a) धारा 3
(c) धारा 5
(b) धारा 4
(d) धारा 6
उत्तर :- (c) धारा 5
(Uttarakhand (CJ) 2009)
व्याख्या: - सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 5 में सम्पत्ति अन्तरण को परिभाषित किया गया है। इसके अनुसार - आगामी धाराओं में "सम्पत्ति के अन्तरण" से ऐसा कार्य अभिप्रेत है जिसके द्वारा कोई जीवित व्यक्ति एक या अधिक अन्य जीवित व्यक्तियों को या स्वयं को अथवा स्वयं और एक या अधिक अन्य जीवित व्यक्तियों को वर्तमान में या भविष्य में सम्पति हस्तान्तरित करता है और "सम्पत्ति का अन्तरण करना" ऐसा कार्य करना है।
Question 6 :- क्या सम्पत्ति का बंटवारा सम्पत्ति अन्तरण कहा जा सकता है?
(a) हां
(b) नहीं
(c) उक्त दोनों
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर :- (b) नहीं
(Uttarakhand (J) (Pre) 2011)
व्याख्या : - सम्पत्ति अंतरण अधिनियम की धारा 5 के अनुसार सम्पत्ति का बंटवारा सम्पत्ति अन्तरण के अन्तर्गत शामिल नहीं है क्योंकि बंटवारे से अन्तरिती को उस सम्पत्ति में नया हित नहीं मिलता है।
Question 7 :- सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम के अनुसार निम्नलिखित में कौन सा कथन गलत है ?
(a) सम्पत्ति का अंतरण पक्षकारों के कृत्य द्वारा किया जाता है |
(b) सम्पत्ति का अन्तरण सामान्यतया एक जीवित व्यक्ति द्वारा दूसरे जीवित व्यक्ति को किया जाता है |
(c) उस दशा में जिसमें विधि द्वारा कोई लेख अभिव्यक्तः अपेक्षित नहीं है, सम्पत्ति का अन्तरण बिना लिखे भी किया जा सकता है
(d) सम्पत्ति का ऐसा अन्तरण भी किया जा सकता है जहाँ अन्तरण अंतरणकर्ता की मृत्यु के पश्चात ही प्रवर्तित होगा
(U.P.P.C.S. (J) 2003) (M.P.A.P.O. (Pre) 2010)
उत्तर : - (d) सम्पत्ति का ऐसा अन्तरण भी किया जा सकता है जहाँ अन्तरण अंतरणकर्ता की मृत्यु के पश्चात ही प्रवर्तित होगा!
व्याख्या : - सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 5 के अनुसार सम्पत्ति का ऐसा अंतरण किया जा सकता जहाँ अंतरण अंतरणकर्ता की मृत्यु के पश्चात् ही प्रवर्तित होगा। गलत कथन है।
Question 8 :-. निम्नलिखित में से कौन उस समिति में शामिल नहीं है जो राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति हेतु संस्तुति करती है?
(a) उपराष्ट्रपति
(b) प्रधानमंत्री
(c) लोक सभा अध्यक्ष
(d) संघ का गृहमंत्री
(Chhattisgarh. Civil Judge. - 2007)
उत्तर -(a) उपराष्ट्रपति
व्याख्या - राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति हेतु नाम प्रस्तावित करने वाली समिति में निम्नलिखित सदस्य होंगे (क) प्रधानमंत्री - अध्यक्ष (ख) लोक सभा का अध्यक्ष - सदस्य (ग) भारत सरकार के गृह मंत्रालय का मंत्री सदस्य (घ) लोक सभा में विपक्ष का नेता - सदस्य (ङ) राज्य सभा में विपक्ष का नेता - सदस्य (च) राज्य सभा का उपसभापति - सदस्य अतः स्पष्ट है कि उपराष्ट्रपति इनमें सम्मिलित नहीं है!
Question 9 :- भारतीय योजना आयोग है एक :-
(a) कानूनी निकाय
(c) संवैधानिक निकाय
(b) सलाहकार निकाय
(d) स्वायत्त निकाय
(Uttarakhand (J) (Pre) 2011) (Bihar P.C.S. (J) (Pre) 2009)
उत्तर - (b) सलाहकार निकाय
व्याख्या : - भारत में योजना आयोग की स्थापना 1950 में मंत्रिमण्डल के एक संकल्प द्वारा संविधानेतर निकाय के रूप में की गई। यह एक सलाहकारी निकाय के रूप में कार्य करता है। इसका उद्देश्य आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए पंचवर्षीय योजना का निर्माण करना है। प्रधानमंत्री इसका अध्यक्ष होता है।
Question 10 :-. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष किस आयु से अधिक होने पर पद पर नहीं बने रहेंगे?
( a) 65 वर्ष
(b) 70 वर्ष
(c) 75 वर्ष
(d) कोई आयु सीमा नहीं
उत्तर - (b) 70 वर्ष
(Chhattisgarh. Civil Judge. 2007)
व्याख्या :- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य की पदावधि अपने कार्यभार संभालने की तिथि से पाँच वर्ष अथवा 70 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक, इनमें से जो भी पहले हो, होगी।
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